चाइनीज मांझा उलझने से सिस्टम हुआ प्रभावित, भोपाल के ट्रांसमिशन लाइनों और सबस्टेशन में व्यवधान हुआ
भोपाल। चाइनीज मांझे पर प्रदेश सरकार ने प्रतिबंध लगाया है, लेकिन फिर भी पतंग उड़ाने के शौकीन इनका प्रयोग करते हैं। मकर संक्रांति से शुरू हुई पतंगबाजी एक-2 माह चलती है, जिससे कई लोग इनमें फंसकर घायल भी हो जाते हैं। जनहानि के साथ ही इस बार विद्युत लाइन को भी इन चाइनीज मांझों ने नुकसान पहुंचाया है। मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी के 220 केवी सबस्टेशन गोविंदपुरा से निकलने वाली 132 केवी लाइनों में बच्चों द्वारा चीनी मांझा के साथ पतंग उड़ाते समय 132 केव्ही की विभिन्न लाइनों में पतंग फंसने और चीनी माझा के लाइनों में उलझ जाने के कारण 9 और 10 मार्च को भोपाल के ट्रांसमिशन लाइनों और सबस्टेशन में व्यवधान हुआ है।
कर्मचारी भी रह गए दंग
एमपी ट्रांसको के कर्मियों ने 9 मार्च की रात्रि में इन लाइनों में फंसी हुई पतंगों के साथ उलझे हुए मांझे को निकाला और रात्रि में विद्युत पारेषण सामान्य किया। 10 मार्च को प्रातः बच्चों द्वारा उड़ाई पतंगों के साथ चाइनीज मांझा अति उच्च दाब लाइनों में फिर से फंसने के कारण ट्रांसमिशन सिस्टम में व्यवधान आया।
इन लाइनों में हुआ व्यवधान
ट्रांसमिशन लाइन में मांझा फंसने के कारण 9 मार्च को 132 केवी भोपाल बैरसिया लाइन सायंकालीन लगभग 5 बजे ट्रिप हो गई और इसके कारण 220 केवी सबस्टेशन गोविंदपुरा में 200 एमवीए के पावर ट्रांसफार्मर, 132 केवी भोपाल अमरावत खुर्द, 132 केव्ही भोपाल बागरोदा के साथ 220 केवी भोपाल आदमपुर लाइन भी ट्रिप हुई। इससे बीएचईएल और रेलवे ट्रैक्शन फीडर सुखी के अलावा 132 केवी सबस्टेशन अयोध्या नगर तथा सीपीआरआई में व्यवधान हुआ।
विदिशा से सप्लाई लेना पड़ा
रेलवे ट्रेक्शन फीडर इस ट्रिपिंग के कारण 132 के वी सबस्टेशन रेलवे फीडर सूखी में 15 मिनट का व्यवधान रहा। एमपी ट्रांसको द्वारा 220 केवी सब स्टेशन विदिशा से सप्लाई लेकर फीडर में विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी गई। 132 केव्ही बीएचएल फीडर में करीब 1 घंटे 25 मिनट का व्यवधान रहा।
क्षेत्र में पतंग उडाना है प्रतिबंधित
एमपी ट्रांसको के भोपाल स्थित वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन से समन्वय बनाकर प्रातः इस लाइन के स्थान से पतंग उड़ाने वालों को दूर किया। जिला प्रशासन ने भी ट्रांसमिशन लाइनों के पास के इस हिस्से को संवेदनशील घोषित करते हुए इस स्थान के आसपास पतंग उड़ाने प्रतिबंधित किया हुआ है। इसके बाद भी पतंगें उड़ाई जाती हैं, जिसका खामियाजा विद्युत व्यवधान के रूप में होता है। एमपी ट्रांसको के प्रोटेक्शन सिस्टम के 100 प्रतिशत संवेदनशीलता से कार्य करने से जानमाल की हानि से बचाया जा सका।
थाने में दर्ज कराई गई प्राथमिकी
एमपी ट्रांसको भोपाल के सहायक अभियंता आशीष जैन ने घटना की रिपोर्ट अशोक गार्डन थाने में दर्ज कराई है। उन्होंने आसपास के क्षेत्र में पतंग उड़ाया जाना प्रतिबंधित करने की मांग की है, ताकि कंपनी को नुकसान न उठाना पड़े और लोगों को भी बिजली गुल होने की समस्या न आए।
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