Homeताजा ख़बरओल्ड पेंशन स्कीम का रास्ता साफ, पढ़ें किन्हें मिलेगा लाभ

ओल्ड पेंशन स्कीम का रास्ता साफ, पढ़ें किन्हें मिलेगा लाभ

कर्मचारी चुन सकेंगे एनपीएस की जगह ओपीएस का विकल्प, केंद्र सरकार ने दी बड़ी राहत
दिल्ली। जिस घोषणा का इंतजार देशभर के कर्मचारी कर रहे थे, आखिर केंद्र की मोदी सरकार ने उसे आंशिक रूप से पूरा कर दिया है। राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली यानि एनपीएस की जगह पुरानी पेंशन योजना ओपीएस लागू किए जाने की मांग पूरी हो गई है। केंद्र सरकार के कर्मचारियों को केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय ने आंशिक राहत दी है। कार्मिक मंत्रालय ने एक आदेश में कहा है कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों के एक चुनिंदा समूह को राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के बदले पुरानी पेंशन योजना चुनने का एक मौका दिया जा रहा है। कार्मिक मंत्रालय ने इस संबंध में एक आदेश जारी किया है।
चुनिंदा कर्मचारियों को मौका
सरकार ने आदेश में बताया कि चुनिंदा कर्मचारियों को ओल्ड पेंशन स्कीम चुनने का मौका दिया जा रहा है। राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली को अधिसूचित किये जाने की तारीख 22 दिसंबर, 2003 से पहले विज्ञापित या अधिसूचित पदों के तहत केंद्र सरकार की सेवाओं में शामिल होने वाले कर्मचारी केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1972 (अब 2021) के तहत पुरानी पेंशन योजना में शामिल होने के पात्र होंगे। संबंधित सरकारी कर्मचारी 31 अगस्त, 2023 तक इस विकल्प का उपयोग कर सकते हैं। यह अवसर केंद्र सरकार के कर्मचारियों को हो ही मिल सकेगा। कर्मचारियों के एक चुनिंदा समूह को राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के बदले पुरानी पेंशन योजना चुनने का एक मौका मिलेगा।
ने सरकार के फैसले का स्वागत किया
सूत्र बताते हैं कि 14 लाख से अधिक केंद्रीय एवं राज्य सरकार के कर्मचारियों की संस्था नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम ने सरकार के फैसले का स्वागत किया है। एनएमओपीएस ने कहा कि केंद्र सरकार के पात्र कर्मचारियों के लिए यह एक अच्छी खबर है। हम केंद्र सरकार से एक बार फिर मौजूदा नयी पेंशन योजना में संशोधन करने का अनुरोध करते हैं ताकि केंद्र सरकार के सभी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिल सके।
2004 में खत्म हुई थी ओपीएस
2004 में तत्कालीन केंद्र सरकार ने ओल्ड पेंशन स्कीम को खत्म कर दिया था। इसके स्थान पर न्यू पेंशन स्कीम की व्यवस्था लागू की गई थी, लेकिन कर्मचारी संगठन लगातार इसका विरोध कर रहे हैं। उनका मानना है कि एनपीएस में कुछ विसंगतियां हैं। कर्मचारियों के एक वर्ग को फिर से ओपीएस चुनने का विकल्प देकर बड़ी राहत दी है। वहीं राज्य सरकार के तहत कर्मचारी अभी भी इस लाभ से वंचित रहेंगे।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments